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फरवरी महीने में 14 दिन बैंके बंद रहेगी । होगी छुटीया february

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फरवरी महीने में 14 दिन बैंके बंद रहेगी ! होगी छुटीया ! फरवरी महीने में बैंकों की छुट्टियां क्षेत्र और राज्यों के आधार पर अलग-अलग होती हैं। बैंकिंग छुट्टियां आमतौर पर राष्ट्रीय, धार्मिक, और स्थानीय त्योहारों या विशेष अवसरों के कारण होती हैं।   फरवरी 2025 में बैंक की संभावित छुट्टियां : 1. रविवार और शनिवार :          हर रविवार और दूसरा तथा चौथा शनिवार बैंक बंद रहते हैं।   2. स्थानीय त्योहार या विशेष दिन :         कुछ राज्यों में अलग-अलग छुट्टियां हो सकती हैं जैसे बसंत पंचमी, गुरु रविदास जयंती, या अन्य स्थानीय त्योहार।   कुल मिलाकर : अगर सभी रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार, और त्योहारों को जोड़ा जाए तो फरवरी 2025 में बैंक लगभग 14 दिनों के लिए बंद हो सकते हैं।   आप अपने क्षेत्र की सटीक छुट्टियों के लिए [आरबीआई की वेबसाइट](https://www.rbi.org.in) या अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। फरवरी 2025 में बैंकों की कुल 14 छुट्टियाँ हैं, जिनमें से कुछ राष्ट्रीय हैं और कुछ क्षेत्रीय। साथ ही, प्रत्येक महीने क...

महाकुंभ 2025 कब और कहाँ आयोजित होगा ?, महाकुंभ का महत्व क्या है ? mahakumbh 2025

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Maha kumbh prayagraj 2025: प्रयागराज में आस्था का महाकुंभ 2025 पौष पूर्णिमा के दिन यानी 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ होगा और 26 फरवरी 2025 को समाप्त होगा। महाकुंभ मेला हर 12 साल में एक बार होता है। महा कुंभ में दुनिया भर के संत-साधु व भक्त आस्था की डुबकी लगाते है महाकुंभ 2025 के संबंध में भारत में वर्तमान में चर्चा में चल रहे 10 प्रश्न और उनके उत्तर निम्नलिखित है  1.    **महाकुंभ 2025 कब और कहाँ आयोजित होगा?**    - महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक होगा।  2. **महाकुंभ का महत्व क्या है?**    - महाकुंभ हिंदू धर्म का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर अपने पापों से मुक्ति पाने और मोक्ष की प्राप्ति का प्रयास करते हैं। 3. **महाकुंभ कितने वर्षों के अंतराल पर आयोजित होता है?**    - महाकुंभ प्रत्येक 12 वर्ष में एक बार आयोजित होता है। 4. **महाकुंभ 2025 में प्रमुख स्नान तिथियाँ कौन सी हैं?**    - महाकुंभ 2025 में प्रमुख स्नान तिथियाँ निम्नलिखित हैं:      - **म...

बलदेव सिंह नहीं रहे , भारत-पाक युद्ध के हीरो बलदेव सिंह , 93 वर्ष के उम्र में निधन baldev singh Rip 🙏

नहीं रहे भारत-पाक युद्ध के हीरो बलदेव सिंह ! 93 वर्ष के उम्र में निधन बलदेव सिंह (11 जुलाई, 1902 -- 29 जून, 1961) भारत के स्वतन्त्रता सेनानी एवं सिख नेता थे। वे भारत के प्रथम रक्षामन्त्री बने। जन्म: 11 जुलाई 1902, रूपनगर निधन: 29 जून 1961 (उम्र 58 वर्ष), दिल्ली पिछले कार्यालय: लोकसभा सदस्य (1952-1959) · और देखें पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस संगठन की स्थापना: न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया शिक्षा: खालसा कॉलेज बच्चे: गुरदीप सिंह, सरजीत सिंह सरदार बलदेव सिंह का जन्म 11 जुलाई, 1902 को जाट-सिख परिवार में हुआ था। बलदेव सिंह ने अपनी शिक्षा अम्बाला में पूरी करके अमृतसर में अपने पिताजी के साथ उनके काम में हाथ बंटाना शुरू किया। औद्यौगिक प्रतिष्ठान थे। 1930 में सरदार बलदेव सिंह ने राजनीति में प्रवेश किया। उनके पिता इंदर सिंह उस समय देश में स्टील किंग के तौर पर जाने जाते थे और उनका रुतबा अमीर पंजाबियों में शुमार था। उनके जमशेदपुर (अब झारखंड) और पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) में बलदेव सिंह भारत की राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे और लंदन सम्मेलन सहित अंग्रेजों के साथ सभी महत्वपूर्ण वार्ता...

कोटपूतली बोरवेल से बाहर आई 3 साल की चेतना,10 दिन से 170 फीट गहराई में फंसी थी

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कोटपूतली बोरवेल से बाहर आई 3 साल की चेतना,10 दिन से 170 फीट गहराई में फंसी थी  राजस्थान के कोटपूतली में बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची चेतना को 10 दिन बाद बोरवेल के निकाल लिया है। जान बचने की संभावना बेहद कम है। कपड़े में लिपटी हुई आई, है। 170 फीट गहराई में फंसी थी। राजस्थान के कोटपूतली में बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची चेतना को 10 दिन बाद बोरवेल के निकाल लिया है। जान बचने की संभावना बेहद कम है। कपड़े में लिपटी हुई आई, है। 170 फीट गहराई में फंसी थी।कपड़ों में बांधकर एनडीआरएफ की टीम निकली है। जिला प्रशासन चेतना को लेकर कोटपुतली के लिए रवाना हुआ है। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल के रास्ते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। कोटपूतली बोरवेल से बाहर आई 3 साल की चेतना,10 दिन से 170 फीट गहराई में फंसी थी