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प्रदीप चौधरी न महाकुंभ मे लगयी डुबकी pradeep choudhary

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 प्रदीप चौधरी न महाकुंभ मे लगयी डुबकी   जीवन परिचय: प्रदीप चौधरी नाम: प्रदीप चौधरी   जन्म तिथि: 17 मार्च 2005   जन्म स्थान: लाडनूं, नागौर, राजस्थान   परिचय :  प्रदीप चौधरी एक यूट्यूबर, फेसबुक कंटेंट क्रिएटर और ब्लॉगर हैं। इनकी रुचि राजस्थान की संस्कृति और पर्यटन में है। इनके अंदर बिज़नेस माइंडसेट है और ये एफिलिएट मार्केटिंग भी करते हैं। डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में इनका योगदान सराहनीय है।   रुचियां और कार्य: - यूट्यूब और फेसबुक पर वीडियो बनाना   - ब्लॉगिंग   - राजस्थान की संस्कृति और पर्यटन में रुचि   - बिज़नेस और एफिलिएट मार्केटिंग   प्रदीप चौधरी का लक्ष्य डिजिटल दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाना और अपने बिज़नेस स्किल्स को लगातार निखारते रहना है।

फरवरी महीने में 14 दिन बैंके बंद रहेगी । होगी छुटीया february

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फरवरी महीने में 14 दिन बैंके बंद रहेगी ! होगी छुटीया ! फरवरी महीने में बैंकों की छुट्टियां क्षेत्र और राज्यों के आधार पर अलग-अलग होती हैं। बैंकिंग छुट्टियां आमतौर पर राष्ट्रीय, धार्मिक, और स्थानीय त्योहारों या विशेष अवसरों के कारण होती हैं।   फरवरी 2025 में बैंक की संभावित छुट्टियां : 1. रविवार और शनिवार :          हर रविवार और दूसरा तथा चौथा शनिवार बैंक बंद रहते हैं।   2. स्थानीय त्योहार या विशेष दिन :         कुछ राज्यों में अलग-अलग छुट्टियां हो सकती हैं जैसे बसंत पंचमी, गुरु रविदास जयंती, या अन्य स्थानीय त्योहार।   कुल मिलाकर : अगर सभी रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार, और त्योहारों को जोड़ा जाए तो फरवरी 2025 में बैंक लगभग 14 दिनों के लिए बंद हो सकते हैं।   आप अपने क्षेत्र की सटीक छुट्टियों के लिए [आरबीआई की वेबसाइट](https://www.rbi.org.in) या अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। फरवरी 2025 में बैंकों की कुल 14 छुट्टियाँ हैं, जिनमें से कुछ राष्ट्रीय हैं और कुछ क्षेत्रीय। साथ ही, प्रत्येक महीने क...

हल्दी समारोह की सजावट : haldi decoration | Haldi ceremony

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 हल्दी समारोह की सजावट : haldi decoration | Haldi ceremony  हल्दी प्रोग्राम एक पारंपरिक भारतीय शादी की रस्म है, जो शादी से पहले होने वाले समारोहों में से एक है। इसे शादी की शुभ शुरुआत के रूप में देखा जाता है। इस रस्म में दूल्हा और दुल्हन के शरीर पर हल्दी का लेप लगाया जाता है। इस प्रक्रिया के पीछे कई धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं जुड़ी होती हैं।   • हल्दी प्रोग्राम के मुख्य उद्देश्य: 1.  शुद्धिकरण और शुभता -     हल्दी को पवित्र और शुभ माना जाता है। यह दूल्हा और दुल्हन को शादी के लिए शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरने के लिए किया जाता है।       2.  सौंदर्य और स्वास्थ्य -         हल्दी के औषधीय गुण त्वचा को निखारने और संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। यह दूल्हा-दुल्हन को शादी के दिन के लिए ताजगी और सुंदरता प्रदान करता है।   3.  मंगलकामना -         इस रस्म में परिवार के सदस्य और मित्र मिलकर दूल्हा-दुल्हन को हल्दी लगाते हैं और उनके लिए अच्छे भविष्य की कामना करते हैं। ...

mahindra xuv 3xo : जाने 10 बाते

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 mahindra xuv 3xo महिंद्रा XUV 3XO, जिसे पहले XUV300 के नाम से जाना जाता था, एक कॉम्पैक्ट SUV है जिसने भारतीय ऑटोमोटिव बाज़ार में काफ़ी ध्यान आकर्षित किया है। XUV 3XO के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले दस सवाल और उनके जवाब इस प्रकार हैं: 1. **महिंद्रा XUV 3XO में कौन से इंजन विकल्प उपलब्ध हैं?** - XUV 3XO में कई इंजन विकल्प उपलब्ध हैं: - 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन जो मैन्युअल गियरबॉक्स के साथ 111hp और 6-स्पीड मैन्युअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ 131hp उत्पन्न करता है। - 1.5-लीटर डीज़ल इंजन जो 115bhp और 300Nm का टॉर्क देता है, जो मैन्युअल और ऑटोमैटिक दोनों ट्रांसमिशन के साथ उपलब्ध है। 2. **महिंद्रा XUV 3XO की ईंधन दक्षता क्या है?** - ARAI द्वारा प्रमाणित ईंधन दक्षता के आंकड़े इस प्रकार हैं: - 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल (111hp) MT: 18.89 kmpl - 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल (131hp) MT: 20.1 kmpl - 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल (131hp) AT: 18.2 kmpl - 1.5-लीटर डीजल MT: 20.6 kmpl - 1.5-लीटर डीजल AT: 21.2 kmpl 3. **महिंद्रा XUV 3XO की मुख्य सुरक्षा विशेषताएँ क्या हैं?** - XUV 3XO में ये सुविधाएँ...

महाकुंभ 2025 कब और कहाँ आयोजित होगा ?, महाकुंभ का महत्व क्या है ? mahakumbh 2025

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Maha kumbh prayagraj 2025: प्रयागराज में आस्था का महाकुंभ 2025 पौष पूर्णिमा के दिन यानी 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ होगा और 26 फरवरी 2025 को समाप्त होगा। महाकुंभ मेला हर 12 साल में एक बार होता है। महा कुंभ में दुनिया भर के संत-साधु व भक्त आस्था की डुबकी लगाते है महाकुंभ 2025 के संबंध में भारत में वर्तमान में चर्चा में चल रहे 10 प्रश्न और उनके उत्तर निम्नलिखित है  1.    **महाकुंभ 2025 कब और कहाँ आयोजित होगा?**    - महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक होगा।  2. **महाकुंभ का महत्व क्या है?**    - महाकुंभ हिंदू धर्म का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर अपने पापों से मुक्ति पाने और मोक्ष की प्राप्ति का प्रयास करते हैं। 3. **महाकुंभ कितने वर्षों के अंतराल पर आयोजित होता है?**    - महाकुंभ प्रत्येक 12 वर्ष में एक बार आयोजित होता है। 4. **महाकुंभ 2025 में प्रमुख स्नान तिथियाँ कौन सी हैं?**    - महाकुंभ 2025 में प्रमुख स्नान तिथियाँ निम्नलिखित हैं:      - **म...

बलदेव सिंह नहीं रहे , भारत-पाक युद्ध के हीरो बलदेव सिंह , 93 वर्ष के उम्र में निधन baldev singh Rip 🙏

नहीं रहे भारत-पाक युद्ध के हीरो बलदेव सिंह ! 93 वर्ष के उम्र में निधन बलदेव सिंह (11 जुलाई, 1902 -- 29 जून, 1961) भारत के स्वतन्त्रता सेनानी एवं सिख नेता थे। वे भारत के प्रथम रक्षामन्त्री बने। जन्म: 11 जुलाई 1902, रूपनगर निधन: 29 जून 1961 (उम्र 58 वर्ष), दिल्ली पिछले कार्यालय: लोकसभा सदस्य (1952-1959) · और देखें पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस संगठन की स्थापना: न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया शिक्षा: खालसा कॉलेज बच्चे: गुरदीप सिंह, सरजीत सिंह सरदार बलदेव सिंह का जन्म 11 जुलाई, 1902 को जाट-सिख परिवार में हुआ था। बलदेव सिंह ने अपनी शिक्षा अम्बाला में पूरी करके अमृतसर में अपने पिताजी के साथ उनके काम में हाथ बंटाना शुरू किया। औद्यौगिक प्रतिष्ठान थे। 1930 में सरदार बलदेव सिंह ने राजनीति में प्रवेश किया। उनके पिता इंदर सिंह उस समय देश में स्टील किंग के तौर पर जाने जाते थे और उनका रुतबा अमीर पंजाबियों में शुमार था। उनके जमशेदपुर (अब झारखंड) और पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) में बलदेव सिंह भारत की राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे और लंदन सम्मेलन सहित अंग्रेजों के साथ सभी महत्वपूर्ण वार्ता...

कोटपूतली बोरवेल से बाहर आई 3 साल की चेतना,10 दिन से 170 फीट गहराई में फंसी थी

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कोटपूतली बोरवेल से बाहर आई 3 साल की चेतना,10 दिन से 170 फीट गहराई में फंसी थी  राजस्थान के कोटपूतली में बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची चेतना को 10 दिन बाद बोरवेल के निकाल लिया है। जान बचने की संभावना बेहद कम है। कपड़े में लिपटी हुई आई, है। 170 फीट गहराई में फंसी थी। राजस्थान के कोटपूतली में बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची चेतना को 10 दिन बाद बोरवेल के निकाल लिया है। जान बचने की संभावना बेहद कम है। कपड़े में लिपटी हुई आई, है। 170 फीट गहराई में फंसी थी।कपड़ों में बांधकर एनडीआरएफ की टीम निकली है। जिला प्रशासन चेतना को लेकर कोटपुतली के लिए रवाना हुआ है। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल के रास्ते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। कोटपूतली बोरवेल से बाहर आई 3 साल की चेतना,10 दिन से 170 फीट गहराई में फंसी थी